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ऐसे ही हमने अपना रिश्ता निभाया (Aise hi hamne apna rishta nibhaya)

“What’s your type?”, that’s a question we all have been asked. I have been asked that too. I have a type, not a person, but a relationship. This poem below is about that. The poem is in Hindi but you can find it written in english too when you scroll down. कुछ गुफ़्तगू भी की थोड़ा हंसी मज़ाक़ भी किया थोड़ी खींचा-तानी भी की बच्चों की तरह शैतानियाँ भी की कभी उसने मुझे हँसाया कभी मैंने उसे हँसाया ऐसे ही हमने अपना रिश्ता निभाया कभी झगड़े भी हुए कभी नराजगियाँ भी हुई कुछ मैं ख़फ़ा हुआ कुछ वो ख़फ़ा हुई थोड़ा मैंने उसे मनाया थोड़ा उसने मुझे मनाया ऐसे ही हमने अपना रिश्ता निभाया कभी गम्भीर बातों पे चर्चा भी हुई कुछ नज़रिये भी अलग थे थोड़ी वो government हुई थोड़ा मैं opposition हुआ कुछ उसने मेरी बात समझी कुछ मैंने उसको समझा ऐसे ही हमने अपना रिश्ता निभाया कभी थका मैं … Read entire article »

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गुमनाम सिपाही

ना कोई मेरा नाम लेगा, ना कोई मुझे वर्दी में देखेगा ना सुनाए जाएँगे मेरे बहादुरी के किससे शायद एक दर्दनाक मौत आएगी मेरे हिस्से ना कोई देगा मुझे इकीस तोपों की सलामी गुमनाम रह जाएगी मेरी कहानी सपने मेरे भी थे के दुनिया घूम के आऊँ किस्सी से प्यार करलूँ और अपना घर बसाऊँ पर शायद खुदा को कुछ और ही मंज़ूर था मेरे ऊपर ये सरफ़रोशी का जुनून थमा दिया मुझे नहीं चाहिए परमवीर चक्र मुझे मेरे कर्मों पे पूरा है फकर बस इतना ही काफ़ी है के जब याद करो उस जवान को जो कर रहा है सीमा की रक्षा मुझे भी याद कर लेना थोड़ा प्यार कर लेना, थोड़ा हँस लेना, थोड़ा रो लेना मेरे हिस्से की आज़ादी तुम खुल के जी लेना ये मेरा अखरी mission तुम पूरा कर लेना This is a tribute to those soldiers who are out there as under-cover … Read entire article »

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Hope – Our Best Friend

Life they say is a journey, a journey of learning. This learning my friends would never have been possible had we never fallen and the journey would have ended had we never picked ourselves up and moved on. The reason we do that is called hope. Years ago there was a brown skinned Indian man in South Africa. We all know him as Mahatma Gandhi – the father of our great nation, the man largely credited for freeing India from the hands of the British. He fought tirelessly for years, with just one weapon – non-violence. What was so special about him? He was like any other man. He was just another family guy. In fact his son hated him to the core and I am sure like any other married … Read entire article »

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