Sensible Bakwas » Entries tagged with "Alia bhatt"

गुमनाम सिपाही

ना कोई मेरा नाम लेगा, ना कोई मुझे वर्दी में देखेगा ना सुनाए जाएँगे मेरे बहादुरी के किससे शायद एक दर्दनाक मौत आएगी मेरे हिस्से ना कोई देगा मुझे इकीस तोपों की सलामी गुमनाम रह जाएगी मेरी कहानी सपने मेरे भी थे के दुनिया घूम के आऊँ किस्सी से प्यार करलूँ और अपना घर बसाऊँ पर शायद खुदा को कुछ और ही मंज़ूर था मेरे ऊपर ये सरफ़रोशी का जुनून थमा दिया मुझे नहीं चाहिए परमवीर चक्र मुझे मेरे कर्मों पे पूरा है फकर बस इतना ही काफ़ी है के जब याद करो उस जवान को जो कर रहा है सीमा की रक्षा मुझे भी याद कर लेना थोड़ा प्यार कर लेना, थोड़ा हँस लेना, थोड़ा रो लेना मेरे हिस्से की आज़ादी तुम खुल के जी लेना ये मेरा अखरी mission तुम पूरा कर लेना This is a tribute to those soldiers who are out there as under-cover … Read entire article »

Filed under: poetry